कोरोना, रंग-भंग और जंग
कोरोना का दुनिया में कहर
महारानी महामारी से आज्ञा लेकर कोरोना दुनियां के तमाम देशों में अपना शासन जमात हुआ तथा वहाँ के लोगों को अपने वश में करता हुआ अपना साम्राज्य बड़ा रहा है। वह अपने साम्राज्य को विस्तार देने के लिए लोगों को अपना शिकार बना कर देशों में भेज रहा है। इससे उसे अपना शासन बढ़ाने में बहुत ही सफलता हांसिल हो रही है।(डॉक्टर्स द्वारा दिया गया कोरोना वायरस की तस्ववीर)
चीन में लोगों की जान से खेलता हुआ कोरोना अब भारत में भी धीरे-धीरे अपनी जड़ें जमा रहा है।परन्तु भारत में लोग इसे बहुत ही ज्यादा नजरअंदाज कर रहे है। ऐसा प्रतीत होता है,लोग तो लोग सरकार भी इसका इंतजार कर रही थी। सायद सरकार अपनी ताकत दिखाना चाहती थी,इसी लिए कोरोना से किनारा करने के स्थान पर रूबरू होना पसंद किया।अन्यथा सरकार दूसरे देशों की दयनीय स्थिति से पहले ही अवगत थी।परंतु राजनेताओं को हिन्दू मुसलमान,तथा एक दूसरे की कमी निकालने ,नीचा दिखाने से फ़ुर्सत ही नही थी। देश की वर्तमान स्थिति के लिए कोई एक नही सभी राजनेता जिमेदार हैअब चाहें वो पक्ष हो या विपक्ष ।
(भारत से पूर्व कोरोना से कराहते अन्य देश )
कोरोना और भारत की अनदेखी
सरकार को अब लोकडाउन याद आ रहा है। दूसरे देशों की स्थिति तथा कोरोना का पूर्वानुमान होने पर भी सरकार ने लोगों की अंतरराष्ट्रीय आवागमन सुविधाओं को बाधित क्यों नही किया? सरकार अब लोगों को घर में क़ैद कर रही है। परन्तु लोगों को घर में बंद करने की वज़ह देश को ही एक घर बना देना चाहिए था। और फिर लॉकडाउन कर बाहरी आवागमन को बंद कर देना चाहिए था।(देशव्यापी लोकडाउन का परिद्रृश्य)
विलंभ से ही सही परन्तु सरकार ने कोरोना को निश्तेज करने के लिए उचित व्यवस्था लागू की है। केवल सरकार की नही है,सरकार के साथ साथ देश की इस अवहेलना पूर्ण स्थिति के लिये देश की जनता भी इस अवहेलना के अधिकारी है । देश की जनता ही देशवाशियों की ही सुरक्षा के लिए बनाये गए कानून की ही अवहेलना करने में लगे है। देश का प्रधानमंत्री बार बार लोगों से हाथ जोड़-जोड़ कर प्रार्थना कर रहा है, सप्ताह में 2-3 बार मिन्नते कर रहा है। सिर्फ और सिर्फ इसी उद्देश्य से कि उसके देशवाशी स्वस्थ और सुरक्षित रहे। परन्तु देश की जनता कानून तोड़ने के नए-नए बहाने बना रही है। लोग अपनी जान तो खतरे में डाल रहे है साथ ही अपने घरवालों की जान तथा अपने आसपास के लोगों की जान भी खतरे में डाल रहे है ऐसे लोग अपने परिवार की जान के दुश्मन नही है बल्कि देश की जनता के भी गुन्हेगार है ।
(देशवाशियों से अपने अपने घरों में अपील करते हुए मोदी जी)
वहीं देश के प्रधानमंत्री के साथ साथ डॉक्टर्स ,अस्पताल के अन्य कर्मचारी, पुलिस सुरक्षा कर्मी,लोगों को रोजमर्रा का सामान पहुचाने वाले लोग ,दवा तथा सब्जी जैसा सामान लोगों को मुहैया कराने वाले दुकानदार तथा अन्य आवश्यक कार्यों में लगे लोग,रोज अपनी जान की परवाह न करते हुए देश की जनता की रक्षा के लिए लड़ रहे है। ऐसे में उनकी जान भी जा सकती है। परंतु फिर भी अपनी जान को जोख़िम में डाल कर जनता की हिफाजत कर रहे है। सब के सब अपने अपने तरीके से राजहित तथा जनहित में लगा हुआ है।
भारत का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मेरी आप सब से कर बद्ध विनम्रभाव से एक ही निवेदन है। कृपया जो जहाँ है वही अपने अपने घरों में रहें। इससे बढ़कर देश के हित की बात और कोई नही हो सकती है।अपनी और अपने परिवारों की जान को बचाएं।
इस कोरोना महामारी का अभी तक कोई उचित उपचार न मिलने के कारण इसे खतम नही किया जा सकता। अतः कोरोना के संचरण के मार्ग को अवरुद्ध किया जा सकता है इससे बचे रहना ही समझदारी है और यही जिमेदारी है। कोरोना से देश को बचाने में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए भीड़ से बचे रहना ही उचित है। कुछ समय तक अपने सगे संबंधियों से भी दूरी बनाए रखे। लोगों से मिलना जरूरी हो तो अभिवादन के लिए अपनी भारतीय परम्परानुसार हाथ जोड़कर नमस्कार करें दुनिया भी भारत की इस परंपरा का अनुगामी बन रहा है। देश की इस शान को बनाये रखने के लिए आप भी अपना कर्तव्य निभाये।अतः घर में रहैं कोरोना वाइरस को कम से कम फैलने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करें समय समय पर अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से साफ करें। तथा घर के अन्य सदस्यों से भी यही प्रक्रिया करने को प्रेरित करें। देश को कोरोना के संक्रमण से बचायें। लोगों से दूर घर में रहकर देशसेवा करें । स्वमं सुरक्षित रहें और अपने परिवार और देशवासियों को भी सुरक्षित रखें ।
मेरी देश वासियों से एक ही बात कहूंगा।
तभी तो दूर भागेगा कोरोना
घर में घुस कर रहो ना
तभी तो दूर भागेगा कोरोना "
सोनू शर्मा





Comments
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.