कोरोना महामारी और मानवता का राजनीतिकरण
इस समय देश कोरोना महामारी से संघर्ष कर रहा है।संपूर्ण भारत देश में माननीय प्रधानमंत्री के आदेश से दिनांक 22/03/2020 से लॉकडाउन कानूनी व्यवस्था लागू की गई है।अतः लोग अपना-अपना कार्य बंद कर घर में बैठने को मजबूर है। केवल आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति हेतु राशन,डेयरी, सब्जी और दवा की दुकानें ही खुली है।औऱ अनावश्यक घर से बाहर घूमना अपराध तुल्य है। जरूरी सुविधाओं से जुड़े लोग ही( ई-पास ) की सहायता से आवागमन कर सकते है। चारों तरफ पुलिस फैली हुई है। रोड़ पर भीड़ न जुट सके इसकी जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ हमारी भी है। लोगों से मिलने से बचें, अतिआवश्यक हो तो कम से कम 1 मीटर की दूरी बना कर रखें,हाथ मिलाने से बचें।इसी तरह बाकी के बाहरी कार्य करें और समय-समय पर किसी भी साबुन से 20 सेकेण्ड तक उचित प्रकार से हाथ धोएं।अथवा सेनेटाइजर का प्रयोग कर सकते है। हाथों से अपने आँख, नाक, चेहरे को छूने से बचें। खांसते अथवा छींकते समय मुँह पर रुमाल या टिसु का उपयोग करें लोगों से दूरी बनाए रखें और हाथ अवश्य धोते रहें। यह जनकारी लोगों को बार-बार रेड़ियो, T.V. ,तथा अन्य संचार माध्यमों द्वारा दी जारी है।परन्तु कुछ सनकी...